व्यस्त ज़िन्दगी की दोड़ भाग में भी हमने बहुत बार अचानक से महसूस होता है कि मैं यहां पहले भी आया हूं ये जगह मेरे लिए काफ़ी जानी-पहचानी सी लग रही है और ये महसूस होना मेरे साथ बहुत ही प्रभावकारी ढंग से था लेकिन कभी भी मुझे ये समझ नहीं आया की मेरा दिमाग आखिर क्यों मुझे इस तरह का एक अलग सा एहसास दिला रहा है.जब इस बात पे थोडा विचार आया तो सोचा और पता चला की दरअसल ये सारा एहसास कोई भ्रम नहीं था, बल्कि डेजा वू था.अनजान जगहों पर महसूस होता है की पहले भी आए है इसके पीछे क्या कारण है ?डेजा वू (Deja Vu) शब्द फ़्रेंच भाषा से है इस शब्द का अर्थ होता है कि ‘पहले देखा गया’. डेजा वू में आपको ये महसूस होता है कि, जो वर्तमान में हो रहा है, या जिसे आप महसूस कर रहे हैं वह पहले भी हो चूका है. इसका एहसास कई बार इतना प्रभावशाली होता है कि हमारा दिमाग उस परिस्थिति को समझ ही नहीं पाता उस समय में ऐसा पहले सच में हुआ है भी या नहीं.
क्या ये कोई बीमारी है ?अनजान जगहों पर महसूस होता है की पहले भी आए है इसके पीछे क्या कारण है ?
डेजा वू’ किसी भी तरह से दिमागी बीमारी में शामिल नहीं होती है. माना जाता है कि 15 से 25 साल की उम्र में डेजा वू होने की संभावना काफ़ी ज़्यादा होती है.कई मनोवैज्ञानिकों और वैज्ञानिकों ने डेजा वू के रहस्य को समझने की कोशिश की है लेकिन ज़्यादातर मामलों में वैज्ञानिक नाकाम रहे हैं. इसका प्रभाव कई बार इतना ज़्यादा प्रभावशाली होता है कि लोगों ने इसे दिमागी बीमारी तक से जोड़ा है .विशेष बात यह है कि कई शोधकर्ताओं ने डेजा वू की रहस्यमय अवधारणा के बारे में अनूठे सिद्धांतों के साथ आए हैं।
डेजा वू के पीछे किसका हाथ है जानिये अगले पेज पर –


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Rohan Nigam

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